Dantewada Eco-Tourism: ढोलकल ट्रैकिंग रूट का भव्य लोकार्पण, छत्तीसगढ़ पर्यटन में एडवेंचर का नया अध्याय

दंतेवाड़ा | 22 जून, 2026
छत्तीसगढ़ के बस्तर अंचल में एडवेंचर टूरिज्म और प्रकृति संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर स्थापित हुआ है। दंतेवाड़ा जिले के सुप्रसिद्ध और ऐतिहासिक ‘ढोलकल ट्रैकिंग रूट’ का बीते दिन (रविवार को) भव्य लोकार्पण किया गया। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) के अंतर्गत लगभग ₹61.05 लाख की लागत से तैयार इस बहुप्रतीक्षित ट्रैकिंग मार्ग को अब देश-विदेश के पर्यटकों और एडवेंचर लवर्स के लिए आधिकारिक तौर पर खोल दिया गया है।
छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन, सहकारिता, संसदीय कार्य मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने मुख्य अतिथि के रूप में इस नए पर्यटन मार्ग का उद्घाटन कर इसे जनता को समर्पित किया।
स्थानीय रोजगार और साहसिक पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार: केदार कश्यप
लोकार्पण के इस ऐतिहासिक अवसर पर मीडिया को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने क्षेत्र की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। उन्होंने कहा:
“दंतेवाड़ा की प्राकृतिक धरोहर, घने वन और आध्यात्मिक स्थल न केवल प्रदेश, बल्कि पूरे देश के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। यह नया ट्रैकिंग रूट जहां एक तरफ साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) को बढ़ावा देगा, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए सुनहरे अवसर खोलेगा। पहाड़ों और मनमोहक नजारों से घिरे ढोलकल में अब पर्यटकों और श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवागमन का अहसास होगा।”
प्रशासनिक और राजनैतिक दिग्गजों की रही गरिमामयी उपस्थिति
इस गौरवशाली पल के साक्षी बनने के लिए क्षेत्र के कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी कार्यक्रम में मौजूद रहे।
प्रमुख जनप्रतिनिधि:
- श्री चैतराम अटामी (विधायक)
- श्री नंदलाल मुड़ामी (जिला पंचायत अध्यक्ष)
- श्री अरविंद कुंजाम (जिला पंचायत उपाध्यक्ष)
- श्रीमती पायल गुप्ता (नगर पालिका अध्यक्ष)
- श्रीमती सुनीता भास्कर (जनपद पंचायत अध्यक्ष)
- श्री संतोष गुप्ता (वरिष्ठ जनप्रतिनिधि)
वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी:
- श्री गौरव राय (पुलिस अधीक्षक)
- श्री रामकृष्णा रंगनाथा वाय (डीएफओ – वनमंडलाधिकारी)
- श्री राजेश पात्रे (अपर कलेक्टर)
ढोलकल ट्रैकिंग रूट: क्यों है यह खास?
यह नया ट्रैकिंग रूट बस्तर के पर्यटन मानचित्र (Bastar Tourism Map) को पूरी तरह बदल कर रख देगा। स्थानीय ग्रामीणों और उपस्थित अतिथियों ने एक सुर में माना कि:
- सुरक्षित और सुगम ट्रैकिंग: दुर्गम पहाड़ियों के बीच अब ट्रैकर्स के लिए रास्ता बेहद सुगम और सुरक्षित हो गया है।
- इको-टूरिज्म और प्रकृति संरक्षण: प्रकृति को नुकसान पहुंचाए बिना इस रूट को तैयार किया गया है, जिससे वन्यजीव और वनस्पति का संरक्षण भी होगा।
- वैश्विक पहचान (Global Reach): दंतेवाड़ा अब छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन केंद्रों की अग्रिम पंक्ति में आकर खड़ा हो गया है, जिससे अब ढोलकल की खूबसूरत वादियों को करीब से निहारना और भी आसान व रोमांचक हो जाएगा।
