गीदम में व्यवसायी अजय जैन ने जन्मदिन पर ऐसा क्या किया कि कड़तीपारा स्कूल के बच्चे खुशी से झूम उठे?

गीदम | Nex24 न्यूज़
तड़क-भड़क छोड़ स्कूल पहुंचे व्यवसायी, न्योता भोज से बच्चों को दिया सरप्राइज
न्योता भोज का एक अद्भुत और दिल छू लेने वाला नज़ारा छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में देखने को मिला है। जब शहर के बड़े कारोबारी अपने जन्मदिन पर बड़ी पार्टियां और आलीशान जश्न मनाते हैं, तब गीदम के एक जाने-माने व्यवसायी अजय जैन ने न्योता भोज आयोजित कर ऐसा फैसला लिया जिसकी चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। अजय जैन के इस एक कदम ने न सिर्फ पूरे क्षेत्र का दिल जीत लिया, बल्कि दर्जनों मासूम बच्चों की आंखें खुशी से चमका दीं।
आखिर अजय जैन ने शासकीय उच्च प्राथमिक शाला कड़तीपारा पहुंचकर बच्चों के साथ ऐसा क्या खास साझा किया कि शिक्षक से लेकर संकुल प्राचार्य तक उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे? आइए जानते हैं इस दिल छू लेने वाली न्योता भोज पहल की पूरी कहानी…
तड़क-भड़क छोड़ स्कूल पहुंचे व्यवसायी, बच्चों को दिया खास सरप्राइज
अजय जैन ने अपना जन्मदिन किसी होटल या महंगे क्लब में मनाने के बजाय शासकीय उच्च प्राथमिक शाला कड़तीपारा (संकुल केंद्र गीदम) के मासूम बच्चों के बीच सादगी और सेवाभाव के साथ मनाने का फैसला किया।
उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी न्योता भोज योजना के तहत स्कूल के सभी छात्र-छात्राओं के लिए एक विशेष और सुरुचिपूर्ण दावत का आयोजन किया।
लेकिन सरप्राइज सिर्फ स्वादिष्ट न्योता भोज के भोजन तक सीमित नहीं था। भोजन के बाद जब बच्चों के सामने मिठाइयां और उनकी पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी जरूरी शैक्षणिक सामग्री (स्टडी मटेरियल) रखी गई, तो बच्चों के चेहरे खिल उठे। उपहार और प्यार पाकर स्कूल का माहौल खुशियों से गूंज उठा।
‘न्योता भोज’ से मजबूत होता है समाज और शिक्षा का रिश्ता: शाला परिवार

अजय जैन की इस अनोखी पहल और सामाजिक सोच की स्कूल प्रशासन ने मुक्त कंठ से सराहना की और पूरे परिवार का आभार जताया।
1. बच्चों में बढ़ता है अपनत्व का भाव: प्रधान अध्यापक
प्रधान अध्यापक सरिता जैन और शिक्षक शिवराम वेक ने कहा कि जब समाज के सफल और सक्षम लोग सरकारी स्कूलों के बच्चों के बीच न्योता भोज जैसे कार्यक्रम लेकर आते हैं, तो बच्चों को अकेलापन महसूस नहीं होता। उनमें अपनत्व और आत्मविश्वास बढ़ता है। यह प्रयास समाज और शिक्षा व्यवस्था के बीच एक मजबूत पुल का काम करता है।
2. पूरे समाज के लिए प्रेरणादायी मिसाल: संकुल प्राचार्य
संकुल प्राचार्य अवधेश अवस्थी और संकुल समन्वयक योगेश सोनी ने व्यवसायी अजय जैन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि अपनी निजी खुशियों को इन मासूम बच्चों के साथ बांटना बेहद अनुकरणीय है। इससे समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी कि वे भी अपने खास दिनों को न्योता भोज के जरिए इसी तरह यादगार बनाएं।
सरकारी स्कूलों में न्योता भोज का क्या है सामाजिक महत्व?
छत्तीसगढ़ शासन द्वारा शुरू की गई न्योता भोज योजना का मुख्य उद्देश्य समाज के प्रबुद्ध और सक्षम नागरिकों को सरकारी स्कूलों के बच्चों से जोड़ना है। जब भी किसी नागरिक के घर में जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ या कोई खुशियों का मौका होता है, तो वे स्कूलों में आकर बच्चों को पौष्टिक भोजन करा सकते हैं।
इस तरह के न्योता भोज आयोजनों से न सिर्फ बच्चों को अतिरिक्त पोषण और स्वादिष्ट भोजन मिलता है, बल्कि उनमें यह भावना भी जगती है कि पूरा समाज उनके साथ खड़ा है। अजय जैन जैसे जागरूक व्यवसायियों का आगे आना यह साबित करता है कि दंतेवाड़ा और गीदम जैसे क्षेत्रों में शिक्षा और सामाजिक समरसता की एक नई अलख जग रही है।
सरकारी प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में जब बच्चे एक साथ बैठकर इस तरह के न्योता भोज का आनंद लेते हैं, तो उनमें भाईचारा और सामाजिक समरसता की भावना मजबूत होती है। गीदम के कड़तीपारा विद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह संदेश दिया है कि खुशियां बांटने से दोगुनी होती हैं और समाज का थोड़ा सा सहयोग भी मासूम बच्चों के भविष्य को संवारने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।
मुख्य बिंदु
- मुख्य कार्यक्रम: जन्मदिन के अवसर पर न्योता भोज एवं शैक्षणिक सामग्री वितरण
- आयोजन स्थल: शासकीय उच्च प्राथमिक शाला कड़तीपारा, गीदम (दंतेवाड़ा)
- मुख्य आयोजक: अजय जैन (प्रतिष्ठित व्यवसायी, गीदम)
- वितरित सामग्री: स्वादिष्ट भोजन, मिठाइयां एवं पढ़ाई-लिखाई की सामग्री
- विशेष उपस्थिति: प्रधान अध्यापक सरिता जैन, शिक्षक शिवराम वेक, संकुल प्राचार्य अवधेश अवस्थी, संकुल समन्वयक योगेश सोनी, शिक्षक-शिक्षिकाएं और शाला प्रबंधन समिति के सदस्य।
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